Saturday, 2 May 2009

स्वाईन फ्लू की कुण्डली -कहीं ये दिन भी देखने न पड़ जायं (भविष्यवाणी ! )

क्या किसी ज्योतिषी ने स्वाईंन फ्लू के इस तरह विश्व-व्यापी बन जाने की भविष्यवाणी की थी ? यहीं चिढ होती है मुझे ज्योतिषियों से ! हे ब्लागरों ,ज़रा सावधान हो जाओ और ये भविष्यवाणी सुनों ! मगर ऐसा कोई दावा नही कि ये सोलहो आने सच होगीं -ये वैज्ञानिक भविष्यवाणी बोले तो फोरकास्टिंग है ! सच भी हो सकती है नही भी ! इसका मकसद बस आपको खबरदार रखना है ! और समय रहते आप अपनी कोई प्लानिंग कर सकें इसलिए ये भविष्यवाणी की जा रही है ! ब्लॉग दुनिया के सारे -गत्यात्मक अथवा गैर गत्यात्मक सभी ज्योतिषी भी पढ़ लें -मैं स्वाईंन फ्लू की कुण्डली बांचने जा रहा हूँ -

आज की ताजा हालात -
स्वाईंन फ्लू अब वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है इसमें कोई शंका नही है ! विश्व स्वास्थ्य संगठन अब इसके चेतावनी के अन्तिम स्तर यानि ६ की भी घोषणा करने वाला ही है ! अब तक यह १६ देशों में फैल चुका है ! ३६५ मामलों की पुष्टि हो चुकी है -६०० से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं .भारत में भी इसका खतरा मंडरा रहा है ! महाराष्ट्र के जलगांव में १०० सूअरों के मरने से शंकाओं का माहौल गरम हो उठा है ! अभी चूकिं भारत के अधिकांश भाग तेज गरमी की चपेट में हैं इस पर कुछ अंकुश लगा हुआ रहेगा ! यह वाईरस ज्यादा तापक्रम पर सक्रिय नही रहता .मगर बेहद सावधानी की जरूरत है .इस बार खतरा कितना बड़ा है यह इसी से जान सकते हैं कि बर्ड फ्लू का चेतावनी स्तर अभी भी ३ पर कायम है जबकि यह महामारी अब ५ के स्तर से ६ तक पहुँचने वाली है !

अब कल क्या होगा ? मतलब क्या क्या हो सकता है ?

* मई माह बीतते बीतते पूरी दुनिया स्वाईंन फ्लू के पहले दौर ( फर्स्ट वेब ) के चपेट में आ जायेगी !

* दुनिया भर में रोग निवारण ,क्वैरेनटाईन शिविरों की स्थापना होगी -अमेरिका में तो इनकी भरमार होगी !

*जगह जगह रोड ब्लाक्स ,मिलिटरी पोस्ट और निगरानी ,मास्क और दास्ताने पहने लोग दिखेंगें ,जगह जगह स्वास्थ्य कर्मी लोगों की जांच , तापक्रम लेते दिखेंगें !

* देशी और अंतरास्ट्रीय हवाई यात्राये ,जमीनी परिवहन यकायक ठप पड़ सकते हैं !

*दैनिक उपभोग और खान पान के बिक्री स्टोर बंद हो जायेंगें -पेट्रोल पम्पों ,सरकारी दफ्तरों ,बैंको पर ताले लटकते नजर आयेंगें ! किसी प्रमुख अवकाश सा नजारा दिखेगा ! सड़कों पर कम कारें -टैफिक -बस मिलिटरी या पुलिस का भारी बंदोबस्त दिखेगा !

* फिर आएगा दूसरा दौर ( माईल्ड वेब ) -उपरोक्त स्थितियां और भी गंभीर हो उठेंगीं !

* वर्ष के अंत तक मारक लहर ( डेडली वेब ) भी आ जायेगी ! पूरी दुनिया में लोग मास्क पहने हुए होगें ! बाजार ,व्यावसायिक प्रतिष्ठान ,माल ,स्कूल कालेज अनिश्चित काल के लिए बंद हो जायेगें !

* लोगों को ज्यादातर घर के भीतर रहने को बाध्य होना होगा !

* समूचे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमरा उठेगी -मंदी का एक नया दौर शुरू होगा !

* लोगों के दैनिक क्रिया कलाप ,रोजगार बुरी तरह प्रभावित होगें -केवल बहुत जरूरी खरीद फ़रोख्त -औषधियों ,अत्यावश्यक वस्तुओं की ही होगी -घर से प्रायः निकलने की मनाही होगी !

* दो प्रतिशत मृत्यु दर की सम्भावना होगी !

ये स्थितियां आ सकती हैं और नही भी -यह आपको डराने के लिए नही बल्कि आगाह करने के लिए है ! ज्ञात रहे १९१८ में इसी विषाणु H1N1 के चलते पूरी दुनिया में ४-५ करोड़ लोग मौत के मुंह में समां गए थे ! आज ऐसे विषाणु आक्रमणों से निपटने की हमारे पास बढियां रणनीति और संसाधन हैं फिर भी हमें किसी भी स्तर पर भी लापरवाही नही दिखानी है ! विज्ञान संचारक ब्लागरों ने स्वाईंन फ्लू की ताजातरीन खबरे आप तक पहुचाने की एक कार्यनीति तैयार कर ली है ! आप यहाँ की एक खिड़की में रोज ताक झांक कर सकते हैं !

सन्दर्भ :

http://forecastfortomorrow.com/Files/swineflu.pdf

12 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

यह भविष्यवाणी तो सच हो सकती है .

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

सारे ज्योतिषी अज्ञान और अमानवीय सामाजिक राजनैतिक व्यवस्था से उपजी अनिश्चितताओं का लाभ उठाते हैं। यह तब तक होता रहेगा जब तक अज्ञान रहेगा।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सच आशंका व्यक्त की है आपने. धन्यवाद.

रामराम.

P.N. Subramanian said...

इस महामारी की रोक थाम के लिए उपाय भी बताएं

हिमांशु । Himanshu said...

द्विवेदी जी ने सही कहा पर मुझे तो बहुत से अतिशय ज्ञानी और समझदार लोगों को भी ज्योतिषियों का चरणाश्रित देखा है । खैर ।

राम करें इस कुण्डली के ग्रह-नक्षत्रों के योग आपको समझ न आये हों ।

संगीता पुरी said...

वास्‍तव में स्थिति चिंताजनक है .. इस प्रकार की भीविष्‍यवाणियां वैज्ञानिकों को करनी चाहिए .. हम ज्‍योतिषियों के लिए इस प्रकार की भविष्‍यवाणी कर पाना कितना मुश्किल है .. इसका जवाब बाद में मेरे किसी पोस्‍ट में मिल जाएगा .. 1918 के किस महीने में यह फैला .. किस महीने में अपने चरम सीमा पर रहा .. और कब समाप्‍त हुआ .. इसकी जानकारी भी मिल जाती तो अच्‍छा होता .. ताकि उस समय के ग्रहों के विश्‍लेषण कर शायद आज इसकी स्थिति की भयावहता का पता लगाया जा सके।

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

बहुत डरा रहे हैं पण्डितजी।

Raviratlami said...

आप तो, डरा रहे हो डाक्टर...
पर, फिर लगता है कि स्थिति वाकई डरावनी हो चुकी है. आगाह करने के लिए धन्यवाद.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

मिश्रा जी, पहली बात तो ये कि ज्योतिष का इतना गूढ ज्ञाता आज के इस भौतिकतावादी युग में मिलना एक प्रकार से असंभव ही है, जो कि देश/दुनिया के बारे में इतनी सटीक भविष्यवाणी कर दे. और अगर कोई इस प्रकार की भविष्यवाणी करता भी है तो फिर समझिए कि वो सरासर बेवकूफ बना रहा है. आज जब ज्योतिषी किसी व्यक्ति विशेष के बारे में ढंग से फलादेश नहीं दे सकते तो दुनिया/समाज के बारे में फलकथन करना तो असंभव ही कहा जाएगा.

और दूसरी बात ये कि यहां आपने इस महामारी की जो भयानक तस्वीर पेश की है---मेरी नजर में तो ये कोरी बकवास है. ऎसा कुछ नहीं होने वाला. अब आप चाहे तो इसे मेरा निजी विचार मान लें अथवा भविष्यवाणी..))

Arvind Mishra said...

@सुब्रहमन्यम जी ,
बिलकुल ! जल्दी ही उपायों पर भी चर्चा !

@ ज्ञान जी ,रवि जी -मैं खुद डर रहा हूँ आसार कुछ अच्छे नहीं हैं -हम आगाह रहेगें तो ठीक ही रहेगा !

@पंडित डी के शर्मा जी ,
ये हुयी न आपकी भविष्यवाणी -ईश्वर करे यही सच हो !

अशोक पाण्डेय said...

मैं तो पहले से ही डरा हुआ हूं, अब डरे हुए को क्‍या डराना :) घर में रखा थर्मामीटर टूट गया था, कल शाम नया खरीद लाया :)

अभिषेक ओझा said...

:(