Sunday, 26 April 2009

सावधान ! विश्वव्यापी बन सकता है अमरीका में फैला यह स्वायिन -फ्लू !


बुरी खबर है ! अमेरिका में सूअरों से उपजी एक फ्लू की महामारी तेजी से फैल रही है और आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं यह पूरी दुनिया में महामारी ( Pandemic) बन कर फैल न जाय ! मेक्सिको में८० लोग मर चुके हैं . १३०० को जांच के दायरे में रखा गया है ! व्हाईट हाउस तक सकते में आ गया है ! अभी सुरक्षा तंत्र को ३ के स्तर पर मुस्तैद किया गया है -४ पर होते ही विश्वव्यापी खतरे की घंटी बज जायेगी !

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फ्लू की यह नयी महामारी का प्रकोप मेक्सिको के १८ लोगों और यूं एस ये के २० लोगों में पक्के तौर पर देखी जा चुकी है -न्यू यार्क ,ओहियो ,कंसास ,टेक्सास और कैलिफोर्नियाँ में इस महामारी के फैलने की खबरे मिल रही हैं ! न्यूजीलैंड और स्पेन से भी ऐसे ही खबरें आ रही हैं ! अभी इसके बढ़ने के आसार हैं ! इस पर पारम्परिक फ्लू औषधियां भी काम नहीं कर रही हैं -हाँ नयी औषधियां टामिफलू और रेलेंजा थोड़ा कारगर हैं जिनकी पाँच करोड़ खुराकें आनन् फानन में जारी कर दी गयी हैं !

मेक्सिको में स्कूल कालेज बंद कर दिए गए हैं .लोगों को घूमने घामने के बजाय घर में ही कैद रहने की हिदायत दी जा रही है -कहा गया है लोग हाथों को साबुन से साफ़ करते रहें ! चीन में भी अलर्ट कर दिया गया है ! जिस वाईरस स्ट्रेन पर शंका है -H1N1 वह पक्षी ,मनुष्य और सूअरों के सम्मिलित जेनेटिक अवयवों को धारण किए हुए है और बहुत ही खतरनाक है !

भारत भी इस बीमारी के आसान टारगेट में हो सकता है क्योंकि यहाँ रोजाना हजारों लोग प्रभावित देशों ,मुख्यतः अमेरिका से आ रहे हैं ! बहुत सम्भव है आपके परिजन ही अवकाश बिताने अपने जन्म स्थान को लौट रहे हों ! उचित होता कि भारत सरकार मौके की नजाकत को समझते हुए तत्काल हाई अलर्ट घोषित करते हुए रोग निरोधन ( क्वैरेनटाय़ीन ) की व्यवस्था अमल में लाये ! हवाई अड्डे से उतरते ही यात्रियों को पृथक कक्षों ( आयिसोलेसन वार्ड्स ) में रोग निरोधन से आश्वस्त होने के बाद ही उन्हें खुले भ्रमण पर जाने दे !


हम कोई भी खतरा नही उठा सकते -हमारे पास टामीफ्लू औषधि का भी कोई बड़ा जखीरा नही है ! यह महामारी यहाँ फैलने न पाए इस लिए सारे एहतियातन कदम उठाये जाने चाहिए ! बिना देरी के फौरन ?! है कोई सुनने वाला ?












15 comments:

संगीता पुरी said...

आपकी चिंता स्‍वाभाविक है .. पर यह इंडिया है .. यहां कोई आपकी सुननेवाला नहीं .. भाग्‍य भरोसे ही जीते हैं लोग यहां .. भले ही भाग्‍य पर लोगों को विश्‍वास हो या नहीं।

अभिषेक ओझा said...

कोई सुन ले तो भला हो सबका !

seema gupta said...

बेहद चिंताजनक स्थिति है ये तो.....और इसको रोकना भी जरूरी है उम्मीद है सरकार का ध्यान इस तरफ जायेगा और उचित कदम उठाये जायेंगे...

regards

ताऊ रामपुरिया said...

चिंता जनक बात है. शायद अमेरिका ज्यादा चिंतित है इसी लिये उनके शेयर मार्केट कमजोर चल रहे हैं आज.

रामराम.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

आप से सहमत हूँ। लेकिन यहाँ तो मई निपटने के पहले किसी को चुनाव से ही फुरसत नहीं है।

मनीष मोहन गोरे said...

Why will nobody can hear you. On the issue of public interests like health the government must have notice. Don't be negative in your approach. We the people having positive and scientific approach can change the world of word and people. Dr. Mishra has put a very burning issue timely, we must be thankful towards his gesture.

Manish Moahan Gore

हिमांशु । Himanshu said...

यह महामारी यहाँ फैलने न पाए इस लिए सारे एहतियातन कदम उठाये जाने चाहिए ! बिना देरी के फौरन ?! है कोई सुनने वाला ?"

शायद सुन ही लिया जायेगा ।

डॉ .अनुराग said...

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक इस देश का मालिक ईश्वर है...

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

अच्छा, तब सूअर बड़ी संख्या में मारे जलाये जायेंगे? वीभत्स।

Udan Tashtari said...

चिन्तनीय...३ तारीख को वहीं जा भी रहे हैं. :(

Udan Tashtari said...

दिल में एक बड़ा संतोष था कि शुक्र है मैं सुअर नहीं खाता...इस प्रसन्नता में बिस्तर पर जाकर लेटा तो ख्याल आया कि सुअर भी तो सुअर नहीं खाता फिर भी इस महामारी की गिरफ्त में है..अब :(

डॉ. मनोज मिश्र said...

सही समय पर -सही जानकारी .

अल्पना वर्मा said...

यहाँ यू ऐ ई में इस बीमारी से बचने के लिए सरकार की और से पर्याप्त कदम उठाये जा रहे हैं.उम्मीद है भारत का स्वस्थ विभाग भी हरकत में होगा.क्योंकि पूरे विश्व में WHO द्वारा इस के सब तरफ फ़ैल जाने की सम्भावना की चेतावनी दे दी गयी है.
ब्रिटेन में भी कुछ doubtful केस दर्ज किये गए हैं.
ताजा खबर में -इस बीमारी से ,मेक्सिको में मरने वालों की संख्या १०३ पहुँच गयी है.

महामंत्री - तस्लीम said...

वाकई, इसके लिए विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।
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TSALIIM.
-SBAI-

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

चिंता जनक बात है. सही जानकारी है.