Sunday, 14 March 2010

बैंक के खाते -लाकर अब खुलेगें घर घर आकर

घर घर तक जाकर रुपयों  के लेन देन की और लघु वित्तीयन को बढ़ावा देने के लिए सूचना और कम्प्यूटर प्रौद्योगिकी की नई पेशकश का नाम है -फिनो -फायिनेशिअल इन्फार्मेशन नेटवर्क एंड आपरेशन लिमिटेड -जिसकी शुरुआत अब सूदूर ग्रामीण अंचलों में भी हो चुकी है .आम लोगों में यह फिनो के नाम से ही जानी जा रही है .वास्तव में तो यह एक संस्था है जो गाँव गाँव जाकर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने को कृत संकल्प है .

फिनो एक स्मार्ट कार्ड  मुहैया  करा रहा है जिस  पर उपभोक्ता की दसों उँगलियों की डिजिटल छाप मौजूद होती है -जब कोई भुगतान लेना देना होता है तो फिनो की ओर से फेरी कर रहे बैंक कर्मी एक पाईंट  आफ सेल -पी ओ एस मशीन में उपभोक्ता का स्मार्ट कार्ड डालते हैं -उँगलियों का सत्यापन कराते हैं और फिर लेंन  देंन  का काम शुरू हो जाता है .आम बोलचाल की भाषा  में यह पास मशीन कही जा रही है -कार्यविधि सरल है और गाँव के अनपढ़ लोगों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है -अभी बनारस  से सटे  चंदौली जिले के सुरतापुर गाँव में यह सेवा आर बी आई के डिप्टी गवर्नर डॉ .के सी चक्रवर्ती ने आरंभ कराई है .यह ग्राम्य क्षेत्रों में छोटे छोटे कर्जों को देने और व्यवसाय को प्रेरित करने में एक वरदान साबित होगी -ध्यान रहे बांगला देश में नोबेल विजेता मुहम्मद  यूसुफ़ ने माईक्रो फाईनेंस के जरिये ही एक सामाजिक -आर्थिक क्रांति ला दी है .

बैंकिंग के लाभों से कोई भी अछूता न रहे  फिनो  इसलिए कृतसंकल्प है .यह  तकनीक सुरक्षित है -पी ओ एस मशीन रहेगी तो गाँव  या लक्षित जगह पर मगर जुडी रहेगी मुम्बई स्थित बैंक के सर्वर से -अंगुलि  छाप के चलते कोई किसी दूसरे के नाम पर लेन  देन नही कर सकेगा .

17 comments:

विनोद कुमार पांडेय said...

बॅंकिंग के सरल प्रचार और प्रसार करने के लिए सरकार का बढ़िया कदम भरोसेमंद भी..
अरविंद जी सामान्य ज्ञान बढ़ी....जानकारी के लिए आभार!!

गिरिजेश राव said...

बस इसी तर्ज पर गाँव गाँव जा कर मतदान कराना चाहिए। तब तक चले जब तक 100% मतदान न हो जाय। तकनीकी का प्रयोग चुनाव में क्यों नहीं होता ?
इसे पढ़िए:
http://girijeshrao.blogspot.com/2009/04/blog-post.html

Udan Tashtari said...

सार्थक पहल लग रही है यह!!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

गिरिजेश भाई का सुझाव उत्तम है।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत बढिया जानकारी.

रामराम.

वाणी गीत said...

ग्रामीणों के हित में की गयी एक सार्थक पहल ....!!

seema gupta said...

आभार इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए, आम लोगो के लिए निश्चय ही फायदेमंद होगा...

regards

डॉ. मनोज मिश्र said...

यह तो सुखद है.

महेन्द्र मिश्र said...

सार्थक सुखद पहल...

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर प्रणाली, लेकिन जब इस का लाभ आम जनता को हो तभी, ओर उन्हे पेसो को निकालने पर कोई परेशानी ना हो तभी यह कार गार होगी.

सतीश पंचम said...

इस प्रणाली की संभावनाएं बहुत अधिक लग रही हैं।

गिरिजेश जी से सहमत।

अल्पना वर्मा said...

अच्छी ख़बर है.
सामाजिक -आर्थिक क्रांति लाते तकनीकी विकास के बढ़ते कदम गाँवों की ओर !---बेहद सराहनीय है.
-'फिनो 'की जानकारी देने के लिए धन्यवाद.

महेन्द्र मिश्र said...

बढ़िया है
नव संवत्सर की बहुत बहुत शुभकामनाये ...

JHAROKHA said...

aadarniya siraapaki yah ek nai pahal achhi lagi ,ati uttam.
poonam

हिमांशु । Himanshu said...

यह गतिविधि सुन्दर है । इससे सरल होगा बहुत कुछ !
चन्दौली में इसकी शुरुआत हुई, खबर नहीं हुई मुझे ।
आभार इस जानकारी को बांटने के लिए ।

RAMSINGH said...

गाँव खुशहाल

RAMSINGH said...

यदि फिनो पुरे भारत के लोगो को यह सुविधा दे दे तो भारत विकसित हो जाऐगा