Tuesday, 18 June 2013

23 जून को निकलेगा बड़का चाँद,देखना मत भूलियेगा!

आगामी 23 जून की पूर्णिमा को एक नयनाभिराम आकाशीय नज़ारा देखने को तैयार रहिये .इस दिन इस वर्ष का बडका चाँद निकलेगा बोले तो सुपर डुपर मून . आसन्न पूर्णिमा को चाँद धरती के सबसे निकट (perigee )  रहेगा और इसलिए इस वर्ष  दिखने वाले सबसे बड़े चाँद का खिताब हासिल करेगा . धरती के इतना करीब चाँद फिर एक साल के इंतज़ार के बाद अगस्त 2014 में ही दिखेगा . वैसे तो सारे देश में मासूम सक्रिय   हो गया है और बादल छाये  की संभावना ज्यादा है मगर हो सकता है कुछ लोगों के बादलों से लुकाछिपी  चाँद नज़र आ ही जाय . पिछली बार जब मार्च 19, 2011 को धरती के सबसे निकट यानी 'पेरिगी'  का चाँद दिखा था तो इसे सुपर मून का नामकरण दे दिया गया था। अभी पिछले महीने 24-25 मई  का चाँद भी एक छोटा सुपर मून ही था .इस नामकरण का भी एक रोचक मसला  है.

मजे की  बात है कि सुपर मून का नामकरण किसी आधुनिक ज्योतिर्विद (एस्ट्रोनामिस्ट )  द्वारा न देकर एक फलित ज्योतिषी द्वारा दिया गया है मगर अब इसे सब ओर  मान्यता मिल गयी है . फलित ज्योतिषी रिचर्ड नोले ने अपने अपने वेब साईट astropro.com पर 1979 में यह नामकरण किया था . जिसके  अनुसार सूर्य ,पृथ्वी और चन्द्रमा के एक सीध में आने पर और चन्द्रमा के धरती के सबसे निकट आने की अवस्था में सुपरमून का वजूद होता है और ऐसी स्थिति वर्ष में  चार -छह बार आ सकती है . इस २3  जून 2013 को धरती से चाँद की  दूरी बस केवल 356,991 किलोमीटर  रहेगी! इसके दो सप्ताह बाद सात जुलाई को ही चाँद अपनी कक्षा  में धरती से सबसे दूर चला जाएगा जिसे एपोजी (apogee)  कहते हैं और तब चाँद धरती से 406,490 किमी दूर होगा .

 इस चित्र  से पूर्ण चन्द्र और बडके चंद्र का फर्क समझा सकता है (सौजन्य:अर्थस्काई

खगोलविदों की गड़ना के अनुसार नवम्बर 2016 का बड़का चाँद धरती के इतने निकट होगा कि उतना निकट फिर नवम्बर 25, 2034 को आयेगा . अर्थस्काई वेबसाईट ने विगत सुपरमूनों (2011-2016)  का एक विवरण  दिया है। दो पूर्णिमा  के बीच का वक्त एक चान्द्रमास  कहलाता  है यानी  29.53059 दिन का औसत समय. सुपर मून साल भर में के चौदह चान्द्र्मासों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज  करते हैं .क्या इस बार के सुपर मून से धरती पर और भी  प्रबल ज्वार भाटे आयेगें ? इस बड़के चाँद से तो और भी बड़े ज्वार आने की संभावना है .अगर इसके साथ मौसमी तूफ़ान का भी संयोग हो गया तो बड़े ज्वार की संभावना बनेगी . समुद्र तट के किनारे बसे लोगों को थोडा चौकस सहना चाहिए
























 

11 comments:

Monika Jain said...

Very informative..ab to hum bhi dekhenge super moon ko

डॉ. मोनिका शर्मा said...

अच्छी जानकारी दी आपने, आभार

वाणी गीत said...

रोचक जानकारी !

Virendra Kumar Sharma said...


गुड जाब सरजी .आज इसी की ज़रुरत है .

पूर्णिमा का चन्द्र बड़ा दिखलाई इस लिए देता है क्यों की मुंडी ऊपर करके नहीं देखना पड़ता .अक्सर दूर की चीज़ों को देखते वक्त हमारी गर्दन ऊंची उठ जाती है जैसे जहाज हवाई को देखते वक्त होता है हमारे दिमाग की एक अशोशियेशन भी होती है जो ऊंचा है वह दूर है हालाकि आँख पे बनने वाला कौन (एंगिल ) उतना ही रहता है जितना गैर पूर्णिमा के चन्द्र को देखने पर बनता है आँख उठाकर .पूर्णिमा का चाँद तो पेड़ के पिछवाड़े खड़ा दिखे है .

प्रवीण पाण्डेय said...

चैतन्य रहेंगे..

HARSHVARDHAN said...

आपकी पोस्ट को आज के ब्लॉग बुलेटिन 20 जून विश्व शरणार्थी दिवस पर विशेष ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। सादर ...आभार।

तुषार राज रस्तोगी said...

मैं तो इंतज़ार में हूँ कब चाँद निकलेगा |

Anurag Sharma said...

रोचक जानकारी। वीरेंद्र शर्मा जी का अवलोकन सही है। नीचे कोण का चाँद चाँद किसी अन्य वस्तु के निकट दिखाता है तो बड़ा लगता है और आकाश मे ऊपर उठाने के साथ छोटा लगता जाता है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत बढ़िया जानकारी ।

Virendra Kumar Sharma said...

बहुत सशक्त अभिव्यक्ति .किन शब्दों में आपका धन्यवाद करें ....


बहुत सशक्त अभिव्यक्ति .किन शब्दों में आपका धन्यवाद करें ....महत्वपूर्ण जानकारी .

Vikas Gupta said...

उम्दा जानकारी ।