Monday, 28 March 2011

सात अखरोट रोजाना फिर काहें को दिल का रोना

सोचा यह जानकारी आपसे साझा कर लूं -दिल को  मजबूत रखने के लिए अखरोट को सब मेवो में मुफीद पाया गया है.  इसमें एंटीआक्सीडेंट की मात्रा भरपूर है और किसी भी मेवे ,बादाम काजू पिस्ता और चीनिया बादाम(मूंगफली ) से ज्यादा है . इसमें पाया जाने वाली  वसा  असंतृप्त -पाली अन्सैचुरेटेड फैटी एसिड(प्यूफा ) होती है जो रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्राल को नहीं जमने देती .


अखरोट इतना फायदेमंद है मगर फिर भी लोग इसके बजाय काजू पिस्ता आदि मेवो को ज्यादा अहमियत देते हैं .यह अध्ययन अमेरिकन  केमिकल सोसाईटी में जो विन्सन ,पी एच डी ने प्रस्तुत किया है .   उन्होंने अपने अध्ययन  में पाया है कि अखरोट में विटामिन ई से भी ज्यादा एंटी आक्सीडेंट होता है -मालूम हो की की यही एंटी आक्सीडेंट शरीर के लिए हानिकर फ्री रेडिकल्स का शमन करते हैं .विन्सन के अनुसार महज सात अखरोट आपके दिल को पर्याप्त सुरक्षा पहुंचा सकता है .उच्च  गुणता का प्रोटीन ,मिनरल्स और डायिटरी  फयिबर्स के लिए भी मेवे खासकर अखरोट जाना  जाता है .
अगर दिल को मजबूत रखना है तो अखरोट का इस्तेमाल कर सकते हैं मगर कम से कम सात रोजाना!


12 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इस बार खूब खाये थे, अच्छा लगा इस पोस्ट को पढ़कर..पैसे वसूल हो गये...

Kajal Kumar said...

अब कोई क्या क्या रोज़ रोज़ करे

प्रवीण पाण्डेय said...

अजी सुनती हो, कहाँ रखे हैं अखरोट।

राहुल सिंह said...

मजबूत बना रहे दिल, चूल्‍हे में जाए अखरोट.

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

अब अखरोट का डिब्बा निकाला जायेगा ...

दर्शन लाल बवेजा said...

आभार इस जानकारी के लिये।

वाणी गीत said...

कमजोर दिल वालों के लिए अच्छी जानकारी ...

अभिषेक मिश्र said...

Mahattvapurn jaankari.

प्रतिभा सक्सेना said...

बहुत उपयोगी जानकारी .धन्यवाद!
कहीं पढ़ा था कि अखरोट घुटने के दर्द और मस्तिष्क के लिए भी लाभदायक है .

सञ्जय झा said...

jab hum khate the to ginte nahi the ......o kya hai ke dadaji ne khuddai
per lagaye the......ab to gin ke bhi
milna muhal hai.........

lekin nuskhe ki jo bat apne kahi....
o to phir bhi bimari ke hisab se sasta hi hai......

pranam.

Ashok Pandey said...

स्‍वादिष्‍ट व स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक। जी हां.. मैं पोस्‍ट की ही बात कर रहा हूं :)

डा० अमर कुमार said...


इस जानकारी में एक टुँगी हम भी जोड़ दें.... ?
अखरोट के छिलके को जला कर उसकी राख को कपड़छन करके मँज़न करने से दँतरोग होने की सँभावना न्यूनतम होती है, दाँत तो ऎसे मज़बूत होते हैं कि पूछो ही मत.. और, मज़बूत दाँतों का भौकाल आपसे क्या छिपा है, पँडित जी :)