Thursday, 14 January 2010

आज कंगननुमा वलयाकार सूर्यग्रहण है !

अभी कुछ माहों पहले ही पूर्ण सूर्यग्रहण का लुत्फ़ हमने उठाया था.... आज  कंगननुमा वलयाकार सूर्यग्रहण है .मतलब चाँद धरती से इतना दूर है कि  सूर्य की पूरी चकती को ढँक नहीं पा रहा और किनारे ग्रहण से छूट रहे हैं जो कंगन जैसा दिखेगें ! यही वलयाकार सूर्यग्रहण है .

मतलब ,वलयाकार सूर्यग्रहण में चाँद के बाहरी किनारे पर सूर्य  अंगूठी की तरह काफ़ी चमकदार नजर आता है.यह सदी का  सबसे अधिक अवधि तक दिखाई देने वाला सूर्यग्रहण है मगर बादलों की ओट के करण यह काफी जगहों पर नहीं दिखेगा .  सूर्यग्रहण 11 मिनट 08 सेकंड से अधिक समय तक रहेगा.भारत के कुछ हिस्सों में यह दस मिनट से अधिक समय तक दिखेगा. भारत में यह केरल, तमिलनाडु और मिजोरम के ऊपर दिखाई देगा जबकि उसका कुछ हिस्सा देश में सभी जगह से नज़र आएगा.भारत के अलावा सूर्यग्रहण अफ्रीका, हिन्द महासागर, मालदीव, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में दिखाई देगा.



                                                                वलयाकार सूर्यग्रहण 



सूर्यग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और इसकी छाया सूर्य पर पड़ती है जिसकी वजह से सूर्य आंशिक अथवा पूरी तरह सूर्य ढक जाता है. वलयाकार सूर्यग्रहण तब लगता है जब चाँद सामान्य की तुलना में धरती से दूर हो जाता है. नतीजतन उसका आकार इतना नहीं दिखता कि वह पूरी तरह सूर्य को ढक ले.विशेषज्ञों का कहना है   कि खाली आँखों से सूर्यग्रहण देखना हानिकारक  है.

15 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

सही जानकारी.

वाणी गीत said...

वलयाकार सूर्यग्रहण और पूर्ण सूर्यग्रहण का स्पष्ट अंतर बताने के लिए बहुत आभार ...!!

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

फिर तो कितना आकर्षक ग्रहण है ये...!

आपकी तत्परता से कितनी जानकारियाँ मिल जाती हैं..!

आभार..!

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छी जानकारी धन्यवाद्

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी का...

खुशदीप सहगल said...

गाओ मेरे मन,
चाहे रे सूरज चमके न चमके,
लगा हो ग्रहण,
गाओ मेरे मन...

जय हिंद...

seema gupta said...

इन्तजार है देखते हैं अगर मौसम की महरबानी रही तो.......
regards

अन्तर सोहिल said...

इस जानकारी और फोटो के लिये शुक्रिया जी


प्रणाम स्वीकार करें

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत पयोगी जानकारी. धन्यवाद.

रामराम

Ghost Buster said...

सुबह से सोलर गॉगल तलाश रहे हैं, मिल नहीं रहा. कहीं रखा होगा संभाल कर, गृहण समाप्ति पर शर्तिया मिल जाएगा.

पिन होल कैमरा की शरण में हैं, बहुत प्यारा दिख रहा है उससे भी.

तनु श्री said...

--------यह है असली ज्ञान-धन्यवाद.

राज भाटिय़ा said...

बहुत अच्छी जानकारी

रंजना [रंजू भाटिया] said...

शुक्रिया इस जानकारी के लिए

हिमांशु । Himanshu said...

जानकारी का आभार ।
हमने टीवी पर देखा इस वलयाकार ग्रहण को । बेहतरीन ।

श्याम कोरी 'उदय' said...

... प्रभावशाली प्रस्तुति !!!