Sunday, 17 August 2008

पुरूष पर्यवेक्षण -केशव केशन अस करी ........2

मित्रों ,यदि आप चांद्रशीर्ष हैं तो दुखी न हों इसकी जिम्मेवारी काफी हद तक आपकी आनुवंशिकता को जाता है ,यह खानदानी हो सकता है इसके चांसेस ज्यादा हैं .और एक सनसनीखेज खुलासा यह भी कि चांद्र शीर्ष मित्रों में पौरुष हारमोन अधिक स्रवित होते पाये गए हैं .ये पौरुष हारमोन -खास तौर पर टेस्टोंस्टेरान तो जैसे बालों का दुश्मन ही है .टेस्टोंस्टेरान बालों की जड़ों पर हमला बोलता है और उन्हें बेदम कर देता है .यह पाया गया है कि खोपडी के अगल बगल के बाल इसी टेस्टोंस्टरआन की सक्रियता से झडते जाते हैं .हारमोन के प्रभाव से झड़ने वाले ये बाल कोटि जतन के बाद भी फिर से नही उग पाते .यह गंजापन स्थायी बन जाता है .

गंजापन तो वैसे एक लेट उम्र से शुरू होने वाली धीमी प्रक्रिया है मगर यह देखा गया है कि लोगों में से कोई एक तो किशोरावस्था के बाद ही गंजेपन की चपेट में आने लग जाता है .हां, यह इतनी धीमी गति से होता है कि बहुधा नोटिस में नहीं आता .मगर ३० वर्ष के उम्र तक पहुंचते पहुंचते इस नग्न सत्य या कटु यथार्थ का अहसास होने लगता है .५० तक पहुंचते पहुंचते ६० फीसदी तक लोगों में गंजापन स्पष्ट दृष्टिगोचर हो जाता है .

आख़िर कैसे पाएं इस मुसीबत से छुटकारा .आईये हम बताते हैं आपको कुछ शर्तियाँ इलाज ! अब जब सारा खेल पुरूष हारमोन का ही है तो क्यों नहीं किशोरावाश्था तक पहुँच कर ऐसा कुछ किया जाय कि पुरूष हारमोन की सक्रियता कम कर दी जाय ! एक उपाय तो है मगर वह बड़ा नृशंस है -कास्टरेशन (बधियाकरण ) !अरे आप इसे हल्के में ले रहे हैं -जनाब ज़रा इतिहास के पन्ने तो पलटिये -किसी सुलतान के हरम के चौकीदार -हिजडों को कभी भी गंजा नही पाया गया .(कुछ बातें आप की कल्पना पर छोडी जा रही हैं ).गंजा होने से बचने का एक शर्तिया तरीका और हो सकता है -आप उस घर में जन्म ही क्यो लें जहान् यह नफासत विरासत में चली रही हो -काश ये दोनों उपाय व्यावहारिक होते !पर हे मेरे चांद्र शीर्ष मित्र नर होकर मन को निराश क्यों करते हो....मैंने अपनी पिछली पोस्ट में यह वादा किया था कि आपके मोरल को ऊंचा करने वाली एक बात आपको बताऊंगा ॥

तो वह बात यह है कि आपको अपने किसी भरे पूरे बालों वालें मित्र की तुलना में पुंसत्व का अतरिक्त बल मिला हुआ है .ऐसा विग्यानिओं का दावा है .बाल भले ही कम हैं पर पुरुसत्त्व के मामले में आप बाजी मार ले गए हैं .आप में टेस्टोंस्टरआन की अधिकता जो है -इस हारमोन के चलते आप औरों की तुलना में अधिक दबंग भी हैं ।

सावधान !हे चान्द्र शीर्ष मित्र !तुम्हारी यह खासियत तुम्हारे कई हमराहियों के लिए ईर्ष्या का सबब बन सकती है .पर यह कूवत तो आपने अपने भरे पूरे बालों की बलि देकर कुदरत से हासिल किया है -लोग बाग जलें तो जलें .....(सच कहूं ,यह जलन तो मुझे भी आपसे है ..)अगले अंक में बालों का रंग रोशन ....

10 comments:

Anil Pusadkar said...

rochak hai.badhai

दिनेशराय द्विवेदी said...

इस बार बात सफाई से कह गए आप। बधाई।
लिंक के साथ पर लिंक के कुछ विवरण और यह सलाह कि वसायुक्त भोजन से बचें दी जा सकती थी।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

बालों के झडने से बचने का तरीका निश्चय ही "रामबाण" होगा। पर शायद ही कोई इस तरीके को अपना चाहे?

P. C. Rampuria said...

-लोग बाग जलें तो जलें .....

भई नुस्खा इस भाव में बुरा नही है !
धन्यवाद !

P. C. Rampuria said...

-लोग बाग जलें तो जलें .....

भई नुस्खा इस भाव में बुरा नही है !
धन्यवाद !

बालकिशन said...

वाह
रोचक और अच्छी जानकारी जानकारी

दिनेशराय द्विवेदी said...

वो अखरोट कहाँ गायाब हो गया?

Udan Tashtari said...

हम चान्द्र शीर्ष ही ठीक हैं-:)

रोचक और अच्छी जानकारी!!

arun prakash said...

kya khalvat blogger mitron ko dekh kar aapne yeh chandra yatra shuru kar di hai. ise saundarya maan rahein hai ya sadharan yatra kintu itna avasya hai ki yatra ki shuruwaat khalvat shirsh se hona subh sanket nahin hai

arun prakash said...

ye testotoron hormon ka parikshan ke bare mein chandra shirsh dhari nayakon ke samarthan aur vipaksh me vote of confidence ho jaye, khali HA HA karnein se baat banegi nahin . arvind ji ne mitron ko jadoo ki jhappi de kar bahlaane ka prayas kiya hai. blogger bandhuon ki raishumari honi chahiye. is purusatva wale hormons ki adhikta ke bawajood log nuskhe maang kyon rahe hain.iskaa raaj kya hai